नवादा, अक्टूबर 25 -- Nawada News: सालभर में आने वाली सभी पूर्णिमा तिथियों में शरद पूर्णिमा का विशेष और अद्वितीय धार्मिक, आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक महत्व माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आश्विन पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को दोपहर से शुरू होकर 26 अक्टूबर, सोमवार की सुबह तक है। चूंकि शरद पूर्णिमा की मुख्य रात्रि और अमृतवर्षा का अनुष्ठान 25 अक्टूबर, रविवार की शाम को चंद्रोदय के साथ शुरू होकर पूरी रात निशीथ काल तक मनाया जाता है, इसलिए मुख्य पर्व और व्रत 25 अक्टूबर, रविवार को ही मनाया जाएगा। इस दिन रात में चांद की चांदनी से अमृत बरसेगा, साथ ही घरों में भक्ति गीत गूजेंगे। सनातन संस्कृति में शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है, का विशेष और अद्वितीय धार्मिक, आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक महत्व है। मान्यता है क...