नवादा, अगस्त 31 -- Nawada News: किऊल-गया रेलखंड पर सफर करने वाले यात्रियों की दिनचर्या इन दिनों सहूलियत से ज्यादा जद्दोजहद बनकर रह गई है। इस रूट पर दौड़ने वाली पैसेंजर ट्रेनों की रैक यानी बोगियां छोटी कर दिए जाने से प्रतिदिन हजारों यात्रियों की जान आफत में पड़ी रहती है। रोजी-रोटी, पढ़ाई और इलाज के सिलसिले में सफर करने वाले कामकाजी लोगों, छात्रों और मरीजों के लिए यह रूट अब किसी अग्निपरीक्षा जैसा हो कर रह गया है। इस रूट की रीढ़ मानी जाने वाली गया-किऊल मेमू पैसेंजर ट्रेन 63355 और 63356 में पहले 12 बोगियां हुआ करती थीं, जिन्हें घटाकर अब महज 08 कर दिया गया है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में आलम यह होता है कि ट्रेन के अंदर तिल रखने की जगह नहीं मिलती। डिब्बों में हवा की कमी से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का दम घुटने लगता है। मजबूरन दर्जनों यात्री...