नैनीताल, नवम्बर 3 -- Nainital News: नैनीताल, संवाददाता। ग्लेशियर झील फटने (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लोफ) की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू करना लगभग असंभव है। ऐसे में लोगों की जान बचाने का एकमात्र प्रभावी तरीका समय रहते उनकी सुरक्षित स्थानों पर निकासी करना है। यह बात मंगलवार को डॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने कही। इस दौरान अर्ली वार्निंग सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पांस को लेकर दो सत्रों में चर्चा की गई। कार्यशाला में एनडीएमए के लीड कंसल्टेंट मेजर जनरल सुधीर बहल (सेवानिवृत्त), आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईएमडी निदेशक डॉ. सीएस तोमर, एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के अधिकारियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आपदा से निपटने के लिए पहले से तैयारी और समन्वित योजना बनाने पर जोर...