नैनीताल, नवम्बर 3 -- Nainital News: नैनीताल, संवाददाता। वैध अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र धारक और राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थी को पीजी मेडिकल पाठ्यक्रम में प्रवेश के दौरान एससी आरक्षण का लाभ देने से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता का जाति प्रमाणपत्र उत्तराखंड के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया है और वह राज्य का मूल निवासी है तो उसे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। हरिद्वार निवासी डॉ. युगेंद्र कुमार सिंह की ओर से दायर याचिका का मंगलवार को निस्तारण करते हुए कोर्ट ने काउंसिलिंग बोर्ड को उनके जाति प्रमाणपत्र और मूल निवास की जांच करने के निर्देश दिए। याचिका में कहा गया...