मुजफ्फरपुर, नवम्बर 3 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर। एमडीडीएम कॉलेज की छात्राओं ने मंगलवार को सिनेमा का इतिहास विषय पर एक प्रस्तुतीकरण का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के जरिए यह दिखाया कि कैसे व्यावसायिक (कमर्शियल) फिल्मों की चकाचौंध से अलग, समानांतर सिनेमा ने समाज की कड़वी सच्चाई, गरीबी, जातिगत भेदभाव और आम आदमी के संघर्षों को पर्दे पर उतारा। सत्यजीत रे की 'पथेर पांचाली' से लेकर बिमल रॉय और बाद के दौर में श्याम बेनेगल जैसे कलाकारों के योगदान को रेखांकित करते हुए यथार्थवादी सिनेमा के महत्व को समझाया। प्राचार्य डॉ. अलका जायसवाल ने कहा कि भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे बदलते समाज, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का एक जीवंत दस्तावेज है। यह भी पढ़ें- Mirzapur News: वृत्तचित्र के माध्यम से किया जागरूक ...