मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 24 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर। प्रमुख संवाददाता शिक्षा का उद्देश्य मात्र प्रतियोगी परीक्षाएं पास करना, डिग्रियां हासिल करना या नौकरी पाना नहीं होना चाहिए। ज्ञान और प्रतिभा के साथ चरित्र और नैतिकता का विकास भी जरूर है। ये बातें शनिवार को एलएस कॉलेज के जेबी कृपलानी सभागार में 'आधुनिक शिक्षा में नैतिक सशक्तीकरण की आवश्यकता' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कही।

शिक्षा में नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल पर जोर उन्होंने शिक्षा और समाज से जुड़े कई गंभीर व प्रासंगिक मुद्दों पर विचार रखे। कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली में बौद्धिक और तकनीकी दक्षता के साथ ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को भी प्रमुखता मिलनी चाहिए। छात्रों से उन्होंने अपील की कि वे शिक्षा के सम्यक रूप को अपनाएं। केवल किताबी शिक्षा ...