मुजफ्फरपुर, सितम्बर 13 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। हिन्दी से जोड़ने के लिए जिले में एक दर्जन से अधिक संस्थाएं काम कर रही हैं। नई पीढ़ी को हिन्दी से जोड़ने को ये हिन्दी साहित्यिक संगठन लगातार प्रयासरत हैं। यह भी पढ़ें- हिंदी दिवस विशेष- झारखंड का आदिवासी साहित्य हिंदी मेंशिक्षा और समाज 'द यूनिवर्सिटी ऑफ द फ्यूचर' शिक्षा, साहित्य, कला और सामाजिक जीवन को जोड़ने का प्रयास कर रही है। लेखिका, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता शेफाली नंदन एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मनोरमा नंदन कहती हैं कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है। सीखना जीवन, समाज, प्रकृति, कला, साहित्य और संवाद से भी होता है। संस्था विशेष रूप से छोटे शहरों, गांवों और ऐसे समुदायों के बच्चों और युवाओं के साथ काम करती है, जहां शैक्षिक और सांस्कृतिक संसाधन...