मुजफ्फरपुर, सितम्बर 25 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, प्रसं। चांद को भी लांघ चुके विज्ञान के युग में समाज का मानस अंधविश्वास की जकड़न से आजाद नहीं हुआ है। मुजफ्फरपुर जिले में आज भी 45 से अधिक महिलाएं डायन का लांछन झेल रही हैं। चाची, दादी, नानी जैसे संबोधनों की जगह जब समाज इन्हें डायन जैसे बदरूप नाम से पुकारता है तब इन मजलूम महिलाओं का पूरा वजूद कांप उठता है।

डायन का लांछन पिछले दो साल में जिले में महिला समाख्या की नारी अदालत में 45 से अधिक ऐसे मामले आए, जिनमें महिलाओं पर डायन का आरोप लगा। इनमें आठ मामलों में प्राथमिकी दर्ज हुई तो बाकी में नारी अदालत की महिलाओं ने पंचायत बुलाई। पंचायत में आरोपितों के माफी मांगने के बाद भी इन महिलाओं के दिल से डर गया नहीं है। अपने ऊपर लगाए गए लांछन का दंश ऐसा कि किसी सामाजिक समारोह में जाने, बच्चे को गोद...