मुजफ्फरपुर, जुलाई 16 -- Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर, कुंदन कुमार। मुजफ्फरपुर के सकरा में 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पंचायत रोजगार सेवक (पीआरएस) की निगरानी के हाथों गिरफ्तारी के बाद विभाग में खलबली मची है। हालांकि, मनरेगा और पीएम आवास योजना में अनियमितता की फेहरिश्त लंबी है। पीड़ितों की शिकायत के बाद जांच और बाद में आरोप सही पाए जाने पर हल्की सजा से मामला गंभीर होता जा रहा है। बीते मई माह में ही अनियमितता और गबन के गंभीर आरोप साबित होने के बाद 13 जुलाई को सूबे के 44 पीआरएस के वेतन में एक साल तक पांच फीसदी कटौती की सजा सुनाई गई है। इससे पहले, 29 मार्च को सूबे के 33 पीआरएस के वेतन में पांच फीसदी की एक साल तक कटौती की सजा दी गई थी。 यह भी पढ़ें- निगरानी ने 20 हजार रिश्वत लेते पीआरएस को दबोचाग्रामीण विकास विभाग की कार्रवाई ग्रामीण विकास विभाग के...