मुजफ्फर नगर, अक्टूबर 9 -- Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर ग्राम जलालपुर स्थित श्री पितृदेव स्थान (सिंघल परिवार) में आयोजित 'पितृकृपा' श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन गुरुवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।हरिद्वार से पधारी कथाव्यास साध्वी डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने महारास, उद्धव-गोपी संवाद, कंस वध और श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंगों का मनमोहक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महारास जीवात्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है, वहीं गोपियों के निश्छल प्रेम ने उद्धव के ज्ञान-अभिमान को दूर किया। कंस वध के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह धूमधाम से सम्पन्न हुआ, जिससे पांडाल भक्तिमय हो उठा। सिंघल परिवार द्वारा पूर्वजों के निमित्त आयोजित इस कथा ने भक्ति, प्रेम और संस्कारों को जीवन में धारण करने का संदेश दिया।इस यह भी पढ...