मुजफ्फर नगर, सितम्बर 26 -- Muzaffarnagar News: खतौली। श्री 1008 चन्द्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर पीसनोपाड़ा में चल रहे दशलक्षण महापर्व के दसवें एवं अंतिम दिन शुक्रवार को उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया। अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन द्वारा किया। महापर्व के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रक्षाल, पूजन एवं विधान किया। भगवान की आराधना के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। यह भी पढ़ें- Kanpur News: पर्युषण पर्व: ब्रह्मचारी शरीर का नहीं, मन व कर्म से भी हो ब्रह्मचर्य का महत्व पंडित शाश्वत शास्त्री भोपाल द्वारा उत्तम ब्रह्मचर्य के स्वरूप एवं महत्व पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि ब्रह्मचर्य का व्यापक अर्थ इंद्रियों पर संयम रखते हुए आत्मा के वास्तविक स्वरूप की ओर बढ़ना है। जैन दर्शन में ...