मुजफ्फर नगर, सितम्बर 8 -- Muzaffarnagar News: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की ज्वाला वर्ष 1857 में बुढ़ाना क्षेत्र तक भी पहुंची थी। जौला की धरती इस संग्राम में क्रांतिकारियों और अंग्रेजी सेना के बीच हुए संघर्ष की गवाह बनी थी। शहीद क्रांतिकारियों की स्मृति में अब 14 सितंबर को जौला में शहीदी दिवस मनाया जाएगा। स्थानीय ऐतिहासिक विवरण के अनुसार 14 सितंबर 1857 को लेफ्टिनेंट केलर के नेतृत्व में अंग्रेजी सेना बुढ़ाना तहसील पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ रही थी। अंग्रेजी सेना जैसे ही जौला के जंगल के पास पहुंची, नवाब खैराती खां परासौली और मीर खां जौला के नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने उसका रास्ता रोक लिया。 यह भी पढ़ें- 'जुब्बा सहनी की जन्मभूमि बने पर्यटन स्थल'जौला के जंगल में युद्ध जौला के जंगल में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और युद्ध शुरू हो गया। क्रांतिक...