मुंगेर, अगस्त 19 -- Munger News: धरहरा, एक संवाददाता। प्रवीण सिंह अधिकांश युवा सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं। लेकिन धरहरा के शुभम कुमार ने नौकरी मिलने के बाद भी एक अलग राह चुनी। वर्ष 2017 में सीआरपीएफ में कांस्टेबल पद पर चयन होने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी। उनका मानना था कि देश सेवा केवल राइफल उठाकर ही नहीं, बल्कि समाज की जरूरतों को पूरा कर भी की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने फार्मेसी की पढ़ाई की और आज धरहरा में अपना मेडिकल स्टोर और क्लिनिक संचालित कर रहे हैं। 30 वर्षीय शुभम कुमार ने बताया कि सीआरपीएफ में चयन के बाद उन्होंने कुछ समय तक नौकरी की, लेकिन मन में हमेशा यह विचार आता रहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम कर लोगों की अधिक मदद की जा सकती है।एकलौते पुत्र होने के कारण परिवार भी चाहता था कि वह घर के पास रहकर काम करे...