मुंगेर, जुलाई 5 -- Munger News: बरियारपुर, निज संवाददाता। जिला प्रशासन बाढ़ से बचाव की तैयारियों में जुटा है और लगातार समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इसके बावजूद बरियारपुर का लोहापुल बांध वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। हर साल बाढ़ के दौरान आपदा विभाग की ओर से खानापूर्ति के तौर पर क्षतिग्रस्त हिस्से पर बालू से भरे बोरे रखे जाते हैं, लेकिन तेज बहाव में वे भी बह जाते हैं। स्थायी मरम्मत नहीं होने के कारण हर वर्ष सैकड़ों घरों में गंगा का पानी प्रवेश कर जाता है और सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो जाती है। प्रखंड कार्यालय के पीछे से रेलवे लाइन तक फैला लोहापुल बांध लगभग एक हजार मीटर लंबा है। इसमें पूर्वी हिस्से का करीब 200 मीटर भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, यदि इस हिस्से का समय रहते पुनर्निर्...