Munger News: मुक्ति के लिए आसक्ति का त्याग आवश्यक: मंगलनाथ
मुंगेर, अक्टूबर 15 -- Munger News: असरगंज, निज संवाददाता। सूरजूराम ठाकुरबाड़ी प्रांगण में शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचक डॉ. मंगलनाथ पाठक ने कहा कि, आसक्ति ही पुनर्जन्म का प्रधान कारण है। मनुष्य सांसारिक मोह-माया और विषय-वासनाओं में उलझकर अपने वास्तविक लक्ष्य से भटक जाता है। मुक्ति के लिए आसक्ति का त्याग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक राजा के घोड़े को देखने से आसक्ति उत्पन्न होने के कारण माता लक्ष्मी को घोड़ी के रूप में अवतार लेना पड़ा। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शंकर ने भगवान विष्णु से माता लक्ष्मी के उद्धार के लिए कहा। तब भगवान विष्णु ने घोड़े का अवतार धारण किया। दोनों के मिलन से एक पुत्र उत्पन्न हुआ, जिसके बाद माता लक्ष्मी भगवान विष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.