मुंगेर, अक्टूबर 11 -- Munger News: धरहरा, एक संवाददाता। कभी घर से अकेले बाहर निकलने में झिझकने वाली परिधि अब आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखती हैं। बच्चों को पढ़ाने के साथ खुद भी सीख रही हैं और विभिन्न गतिविधियों में आगे बढ़कर भाग लेती हैं। करीना सीखने के बेहतर अवसर की तलाश में बेंगलुरु गईं, लेकिन मन मुताबिक माहौल नहीं मिलने पर लौट आईं। आरशी को भी पारिवारिक चुनौतियों के बीच सपनों को पूरा करने की नई राह मिली है। ये कहानियां उन एडु-लीडर्स की हैं, जो परिवार और समुदाय में बेटियों की शिक्षा व आत्मनिर्भरता को लेकर सोच बदल रही हैं। इन अनुभवों की झलक एडु-लीडर्स के अभिभावकों की वार्षिक बैठक में मिली। बैठक में 25 अभिभावक शामिल हुए। बेटियों की पढ़ाई, आत्मविश्वास, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अभिभावकों ने बेटियों की शिक...