नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- जिंदगी में मुश्किलें हर किसी के जीवन का हिस्सा हैं। कभी स्वास्थ्य, कभी रिश्ते, कभी करियर और कभी आर्थिक संकट, ऐसे समय में मन हताश हो जाता है और आगे बढ़ने की हिम्मत कम हो जाती है। भगवद् गीता ऐसे ही क्षणों में हमें सही दिशा दिखाती है। गीता के ये 9 श्लोक मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ने की शक्ति, धैर्य और सही सोच देते हैं। इन्हें समझकर और अपनाकर हम जीवन की चुनौतियों का सामना दृढ़ता से कर सकते हैं।1. कर्म करो, फल की चिंता मत करो कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥ (द्वितीय अध्याय, श्लोक 47) यह गीता का सबसे प्रसिद्ध श्लोक है। भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में कभी नहीं। फल की चिंता करना ही सबसे बड़ी गलती है, जो हमें पीछे खींच लेती है। जब हम न...
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