मोतिहारी, जुलाई 27 -- Motihari News: मोतिहारी, हिन्दुस्तान संवाददाता। मॉनसून की दगाबाजी से धान की रोपनी पर ग्रहण लगने की आशंका बढ़ गयी है। विगत कई दिनों से बारिश नहीं हो रही है। बारिश के अभाव में धान की खेती पिछड़ रही है। जिले में 1.83 लाख हेक्टेयर में धान आच्छादन के लक्ष्य के विरूद्ध करीब 90 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है। मानसून के दगा देने से करीब 20 हजार हेक्टेयर में धान की रोपनी पर ग्रहण लग गया है। हालांकि किसान निजी नलकूप से सिंचाई कर धान की रोपनी के लिए मशक्कत कर रहे हैं। लेकिन डीजल की महंगाई से धान की रोपनी में किसानों का पसीना छूट रहा है। जिले में हर खेत तक पानी पहुंचाने का सपना अधूरा है। यह भी पढ़ें- सरकारी नलकूप से खेतों का नहीं होता है पटवननलकूपों की स्थिति लघु सिंचाई प्रमंडल के 612 नलकूपों में 202 बंद: राजकीय नलकूप अधिकांश ख...