मोतिहारी, जुलाई 21 -- Motihari News: रक्सौल, एक संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा से सटे रक्सौल में जननी बाल सुरक्षा योजना का लाभ करीब 2000 प्रसूताओं तक नहीं पहुंच सका है। दस्तावेजी कमियों, तकनीकी बाधाओं और कागजी प्रक्रिया में लापरवाही के कारण वर्षों से इन महिलाओं का भुगतान लंबित है। प्रभावित लाभार्थियों में बड़ी संख्या नेपाली मूल की महिलाओं की बताई जा रही है। कई नेपाली मूल की महिलाएं विवाह के बाद भारत में रह रही हैं, लेकिन उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाता अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, कुछ भारतीय महिलाएं विवाह के बाद नेपाली नागरिकता ग्रहण कर चुकी हैं, जिसके कारण भी उन्हें योजना का लाभ मिलने में कठिनाई हो रही है। यह भी पढ़ें- प्रसूताओं को भुगतान में गाजियाबाद का 49वें स्थान पर मांगा गया जवाब : मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ...