मुरादाबाद, अगस्त 24 -- Moradabad News: महानगर में नामचीन सोसायटियां बसती जा रही हैं, लेकिन बीस प्रतिशत भी आरडब्ल्यूए(रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) का गठन नहीं किया गया है। नतीजा यह है कि सोसायतियों के रखरखाव, मेंटेनेंस शुल्क, कॉमन एरिया और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बिल्डर और निवासियों के बीच आए दिन विवाद सामने आ रहे हैं। रविवार को अरण्या सिग्नेचर और ग्रीन ऑर्चिड सोसायटी में सामने आए विवादों ने एक बार फिर इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरडब्ल्यूए का गठन जानकारों के मुताबिक इसे बनाने की जिम्मेदारी बिल्डर और अपार्टमेंट मालिकों की संयुक्त है। 33 प्रतिशत कब्जा मिलने के बाद 30 दिन या 60 दिन के भीतर आरडब्ल्यूए पंजीकृत कराना अनिवार्य है। एसोसिएशन का गठन होने के बाद सोसायटी के कॉमन एरिया और सुविधाओं के प्रबंधन की जिम्मेदारी एसोसिएशन को हस्तांतरि...