नई दिल्ली, अप्रैल 26 -- अप्रैल में 27 तारीख को मोहिनी एकादशी कहते हैं। मोहिनी रूप रखकर ही विष्णु जी ने देवताओं को अमृतपान कराया था।इसलिए यह एकादशी भगवान श्रीहरि के विष्णु रूप को समर्पित है। इस दिन व्रत का संकल्प करके भगवान विष्णु की पूजा कर इस कथा को पढ़ा जाता है। इस व्रत को करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यहां पढ़ें इस व्रत से जुड़ी कथा, जिसका पाठ करना चाहिए और शाम को कीर्तन करना चाहिए। युधिष्ठिरने पूछा- वैशाख मास के शुक्लपक्ष में किस नामकी एकादशी होती है ? उसका क्या फल होता है ? तथा उसके लिये कौन-सी विधि है ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले--महाराज ! पूर्वकालमें परम बुद्धिमान् श्रीरामचन्द्रजीने महर्षि वशिष्ठ से यही बात पूछी थी।वशिष्ठ जी ने बताया था तुमने बहुत उत्तम बात पूछी है। मनुष्य तुम्हारा नाम लेनेसे ही सब पापोंसे शुद्ध हो जाता है। तथापि ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.