मिर्जापुर, अक्टूबर 19 -- Mirzapur News: विंध्याचल, हिन्दुस्तान संवाद। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन साधकों ने माता के कालरात्रि स्वरूप का अर्चना किया। विंध्य क्षेत्र में दक्षिण मार्गी और वाममार्गी साधक नवरात्र के पहले दिन से साधना में जुट जाते है। दक्षिण मार्गी साधकों ने महानिशा पूजा में जायफर और नींबू की प्रतीकात्मक बलि दी। वहीं वाममार्गी साधकों ने बकरा और सूअर के बच्चे की बलि देते है।

महानिशा पूजा के आयोजन स्थल महानिशा पूजा के लिए अष्टभुजा, कालीखोह मंदिर के मध्य पहाड़ियों के बीच गुफाओं के साथ ही शिवपुर स्थित तारा मंदिर, रामगया घाट, अवधूत भगवान आश्रम समेत अनेक स्थानों पर तंत्र-मंत्र की सिद्धि के लिए निशा पूजा की गई। शिवपुर गंगा घाट और अष्टभुजा पहाड़ी पर स्थित मोतिया तालाब, कालीखोह मंदिर, चितवाखोह आदि स्थानों पर तंत्र साधना के मद्देनजर रा...