मिर्जापुर, नवम्बर 4 -- Mirzapur News: मिर्जापुर, संवाददाता। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह की अदालत ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर निःसंतान दंपति का बेटा बनने और धोखाधड़ी कर सरकारी विभाग में नौकरी हासिल करने के मामले में दोषी को सात वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मुकदमे की पैरवी एपीओ जितेंद्र यादव ने की।

अदालत का फैसला चुनार कोतवाली क्षेत्र के सहसपुरा गांव निवासी प्रेमशंकर पांडेय ने 28 अप्रैल 2017 को भगवती प्रसाद के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि गांव के एक निःसंतान दंपति की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से भगवती प्रसाद ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद ...