मिर्जापुर, सितम्बर 21 -- Mirzapur News: जमालपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के खड़ेहरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा व्यास पंडित अरूण कृष्ण शास्त्री ने सती चरित्र, ध्रुव चरित्र,विदुर चरित्र एवं योग की उपयोगिता का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव -विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जहां मान- सम्मान न मिले वहां नहीं जाना चाहिए। सती बिना आमंत्रण के अपने पिता के यहां आयोजित यज्ञ में शामिल होने गई एवं अग्नि में उन्हें अपना शरीर त्यागना पड़ा। सती चरित्र मर्यादा और धर्म का संदेश देता है तो वही ध्रुव चरित्र दृढ़ निश्चय और अखंड भक्ति का चरित्र है। बच्चों में भक्ति के बीज बचपन में ही बो देना चाहिए क्योंकि भक्ति के लिए उम्र बाधा नहीं होती है। यह भी पढ़ें- Hapur News: सती चरित्र, ध्रुव चरित्र का वर्णन हुआ इस दौरान यजमान राम सिं...