मेरठ, अक्टूबर 21 -- Meerut News: देशभर में विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के उल्लास और रावण दहन के साथ मनाया जाता है, लेकिन मेरठ के परतापुर क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गगोल गांव में यह दिन उत्सव की बजाय गहरी शहादत और शोक की याद लेकर आता है। करीब 169 वर्षों से इस गांव में दशहरा मनाने और रावण का पुतला फूंकने की परंपरा पूरी तरह बंद है। ​1857 की क्रांति और नौ अमर शहीदों का बलिदान यह भी पढ़ें- Ravan Dahan: भारत में रावण दहन कब? जानें लखनऊ, दिल्ली, पटना, मुंबई समेत 18 शहरों का टाइम1857 की क्रांति में नौ क्रांतिकारियों का बलिदान इतिहास और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विजयदशमी के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने गगोल गांव के नौ वीर क्रांतिकारियों को खुलेआम फांसी पर लटका दिया था। इस क्रूर और दर्दनाक घटना ने ...