मेरठ, अगस्त 10 -- Meerut News: दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित सिवाया गांव में रविवार को इंसानियत और सांप्रदायिक सौहार्द्र की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। अचानक हार्टअटैक से हुई एक युवक की मौत के बाद हाईवे की दूसरी ओर कब्रिस्तान तक शव ले जाने के लिए कांवड़ियों ने खुद आगे बढ़ कर हजारों की भीड़ का कारवां रोकते हुए जनाजे के लिए रास्ता बनाया। रविवार को सिवाया गांव निवासी 40 वर्षीय निजाम पुत्र शेरदीन की अचानक हार्टअटैक से मौत हो गई। जब परिजन शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए ले जाने की तैयारी की तो हाईवे कांवड़ मार्ग पर शिवभक्तों का भारी जनसैलाब चल रहा था। कब्रिस्तान हाईवे के दूसरी तरफ होने के कारण परिजनों के सामने जनाजा निकालने की चुनौती खड़ी हो गई। कावंड़ यात्रा का अंतिम चरण होने के कारण इस समय दिल्ली-दून हाईवे पर हर मिनट हजारों की संख्या में कां...