मेरठ, जुलाई 27 -- Meerut News: प्रिंट डिग्री लेने के लिए चौधरी चरण सिंह विवि में छात्रों की मारामारी है, लेकिन डिजिलॉकर पर डिग्री होने के बावजूद डाउनलोड नहीं की जा रही। विवि के बीते तीन सत्रों में डिजिलॉकर से डाउनलोड हुई डिग्रियों का ग्राफ 15 फीसदी तक भी नहीं पहुंचा है जबकि ऑफलाइन डिग्री लेने के लिए विवि में आवेदनों की संख्या हजारों में हैं। विवि हर महीने दो हजार से अधिक डिग्रियां छात्रों के घर पर भेज रहा है। कैंपस में आने वाले अधिकांश छात्र तत्काल में डिग्री चाहते हैं जबकि डिजिलॉकर से यही डिग्री मात्र कुछ ही मिनट में डाउनलोड की जा सकती हैं। डिजिलॉकर की डिग्री मान्य है और इसे सत्यापन की जरुरत भी नहीं होती। 2024-25 में ही 10% से ऊपर डाउनलोड यह भी पढ़ें- DU UG Admission 2026: CSAS राउंड 2 का नया शेड्यूल जारी, जानें कब तक पक्की कर सकते हैं अ...