मेरठ, जुलाई 10 -- Meerut News: बृज विहार कॉलोनी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के दूसरे दिन वृंदावन से पधारे भागवताचार्य राधा चेतन महाराज ने शुकदेव मुनि के जीवन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा श्रवण कर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। भागवताचार्य ने कहा कि महर्षि शुकदेव, महर्षि वेदव्यास के पुत्र थे। बचपन से ही उनका मन वैराग्य, तप और आध्यात्मिक ज्ञान में रमा रहता था। उन्होंने राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सुनाकर उन्हें मोक्ष का मार्ग दिखाया। शुकदेव मुनि का जीवन त्याग, तपस्या और आत्मज्ञान का अनुपम उदाहरण है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। कथा के दौरान उन्होंने शुकदेव मुनि के जन्म से जुड़ा पौराणिक प्रसंग भी सुनाया।मान्यता है कि शुकदेव मुनि 12 वर्षों तक गर्भ में रहे। भगवान श्रीकृष्ण...