मेरठ, अगस्त 13 -- Meerut News: गढ़ रोड स्थित राधा गोविंद मंडप में रामचरितमानस के उत्तरकाण्ड सप्त दिवसीय सत्संग का शुभारंभ हुआ। कथावाचक स्वामी अभयानंद सरस्वती महाराज ने शुभारंभ किया। यजमान मनोज कुमार ने व्यास भगवान का स्वागत और पूजन किया। स्वामी अनंतानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि रामकथा का रस कभी फीका नहीं पड़ता। जिस प्रकार प्रिय वस्तु या प्रियजन की चर्चा बार-बार सुनने पर भी सुखद लगती है, उसी प्रकार भगवान की कथा का श्रवण सदैव आनंद प्रदान करता है। कहा कि भरत ने भगवान श्रीराम की चरण पादुकाओं को रखकर 14 वर्षों तक राज्य की समस्त व्यवस्था संभाली और आदर्श सेवक और भाई के रूप में अपना जीवन प्रस्तुत किया। कहा कि भगवान कल्पवृक्ष हैं, उनके चरणों में रहकर जो मांगोगे, वह मिल जाएगा। भजन, भक्ति और निष्ठा ही जीवन की वास्तविक संपत्ति है। मनुष्य अपने जीवन का...