मेरठ, जुलाई 22 -- Meerut News: बारिश के पानी की बर्बादी रोकने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर हालांकि विभिन्न विभागों से लेकर कॉलोनियों, विभिन्न संस्थानों, दफ्तर परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। अब बिजलीघर परिसरों में भी बारिश की बूंद-बूंद को सहेजा जाएगा। पश्चिमांचल में इसकी शुरूआत मेरठ से होगा। यहां दिल्ली रोड स्थित रामलीला ग्राउंड एवं माधवपुरम बिजलीघरों से इसकी शुरूआत होगी। प्रयोग सफल रहा तो उसे पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में लागू कराया जाएगा। शहर में दो प्रमुख बिजलीघरों में बारिश के दौरान जलभराव से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। दो दिनों तक लोगों ने बिजली संकट झेला था। रामलीला ग्राउड में सड़क ऊंची हो जाने एवं बिजलीघर परिसर नीचा होने के कारण एवं मा‌धवपुरम में नाला चौक होने के कारण...