मेरठ, सितम्बर 22 -- Meerut News: श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर पर चल रहे तीन लोक महामंडल विधान के छठे दिन मुख्य वेदी पर विराजमान भगवान का अभिषेक व शांतिधारा की। सोमवार को उत्तम संयम धर्म की पूजा अर्चना की गई। शांतिधारा पंकज जैन परिवार ने की। यह भी पढ़ें- सम्यक दर्शन के बिना उत्तम संयम की उत्पत्ति नहींसंयम धर्म का महत्व विधान में मुनि प्रतीक सागर जी महाराज व ज्ञान भूषण जी महाराज ने संयम धर्म पर प्रवचन करते हुए कहा कि अपनी पंच इंद्री एवं मन को वश मे करना ही संयम कहलाता है। संयम की जीवन मे बड़ी महत्ता है। बिना संयम के प्राणी स्वछन्द हो जाता है और अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता है। संयम के बिना तीर्थंकर भी मोक्ष को प्राप्त नहीं कर सकता है। इसलिए अपने जीवन में संयम धर्म अपनाएं तभी आपका जीवन सफल हो सकता है। विधान की मांगलिक क्रियाएं पं आशीष...