मेरठ, अगस्त 2 -- Meerut News: मेरठ। मेरठ नगर निगम में लापरवाही और सुस्ती का एक हैरान करने वाला मामला शनिवार को सामने आया है। पिछले चार साल से जो फाइल गायब थी और जिसके लिए एक महिला और पेंशनर दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, वह मात्र पांच मिनट में अधिकारियों के सामने हाजिर कर दी गई। यह सब तब संभव हुआ जब अपर नगर आयुक्त ने दोषी कर्मचारियों को सीधे मुकदमे की चेतावनी दी। मामला बागपत रोड स्थित सुशीला, पत्नी प्रताप का है। चार साल पूर्व मार्च-2022 में प्रताप सफाई कर्मचारी के पद से रिटायर हो गए। तब से पेंशन और ग्रेच्युटी के लिए नगर निगम में फाइल खोजी जा रही। शनिवार को अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार के स्तर पर नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों को लेकर सुनवाई थी। बैठक में एमएनएलपी अमित भार्गव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह, लेखा विभाग के अन्य...