मेरठ, अक्टूबर 9 -- Meerut News: मेडा की तीन आवासीय योजनाओं के करीब एक हजार किसान बढ़े प्रतिकर और विकसित प्लॉट की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते गंगानगर, लोहियानगर और वेदव्यासपुरी में करीब 120 करोड़ के विकास कार्य ठप हो गए हैं। शताब्दीनगर के किसानों को बढ़ा मुआवजा मिलने के बाद इन तीनों योजनाओं के किसान भी वही मांग कर रहे हैं। 2015 में मेडा बोर्ड ने प्रस्ताव पास कर 3 करोड़ के चेक भी बांटे थे, लेकिन कोरोना के बाद वितरण रुक गया। तब से किसान धरना दे रहे हैं। अब उन्होंने सीधे साइटों पर काम रुकवा दिया है। सबसे बड़ा असर लोहियानगर में दिख रहा है। यहां अस्थायी बस अड्डे का निर्माण एक माह से बंद है। सोहराबगेट को 100 करोड़ की लागत से 12 मंजिला बसपोर्ट बनना है, लेकिन अस्थायी अड्डा न बनने से पुराना अड्डा खाली नहीं हो पा रहा और बसपोर्ट का...