देहरादून, अक्टूबर 11 -- उत्तराखंड में सरकारी अस्पतालों में नौकरी के लिए चयनित होने के बावजूद ज्वाइन न करने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों को अब दोबारा भर्ती का मौका नहीं मिलेगा। सरकार इसके लिए डॉक्टरों की भर्ती नियमावली में बदलाव करने जा रही है। इसके साथ ही अब डॉक्टर अपने प्रचार के लिए मरीजों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल अफसर के रूप में चयनित होने के बाद भी बड़ी संख्या में डॉक्टर ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। ज्वाइन न करने की सबसे बड़ी वजह तैनाती पहाड़ के दुर्गम स्थानों पर मिलना है। डॉक्टर दुर्गम की तैनाती पर नौकरी या तो ज्वाइन नहीं करते या फिर कुछ समय बाद छोड़ देते हैं। जबकि खाली पदों के लिए नए सिरे से होने वाली भर्ती प्रक्रिया में दोबारा शामिल हो जाते हैं। यदि सुगम पोस्टि...