मऊ, अक्टूबर 13 -- Mau News: मऊ, संवाददाता। दूसरों की विशेषताएं देखने और धारण करने में ही हमारी आत्मा की उन्नति होती है। दूसरों के अवगुण को देखकर अगर हम उनका चिंतन-मनन करते हैं और उन्हें जगह-जगह फैलाते हैं, तो वे पलट कर हमारे पास ही आ जाते हैं और हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। आत्मचिंतन उन्नति की सीढ़ी है, तो पर चिंतन पतन की जड़ है। यह बातें प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय माउंट आबू राजस्थान से आये बीके भगवान भाई ने कही। वे ब्रह्माकुमारीज राजयोग सेवाकेंद्र पर रा्ट्रिरय शांति और स्व उन्नति हेतु एक दिवसीय राजयोग राजयोग साधना कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय प्रमाण हम विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक रहने का प्रयत्न करते है तो सुखी और तनाव मुक्त बन सकते है। उन्होंने कहा कि राजयोग के द्वारा ही हम अपने सं...