मऊ, अक्टूबर 9 -- Mau News: मऊ, संवाददाता। कभी डाकघर का मतलब चिट्ठी, मनीऑर्डर, पोस्टकार्ड और रजिस्ट्री हुआ करता था। गांव-कस्बों में डाकिया लोगों की खुशियों और अपनों की खबर का सबसे भरोसेमंद जरिया होता था। डाकघर के बाहर चिट्ठी भेजने और मनीऑर्डर कराने वालों की कतार दिखाई देती थी। समय बदला, मोबाइल और इंटरनेट ने चिट्ठियों की जगह ले ली, लेकिन डाकघर खत्म नहीं हुआ। बल्कि उसने खुद को इतना बदला कि आज मऊ का डाकघर सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने वाला केंद्र नहीं, बल्कि बैंकिंग, बीमा, आधार, पासपोर्ट, पार्सल और कई डिजिटल सेवाओं का केंद्र बन चुका है। शहर के हटठीमदारी स्थित प्रधान डाकघर में मौजूदा समय में डाक भेजने के साथ-साथ कई ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनकी कल्पना कुछ दशक पहले डाकघर के बारे में करना भी मुश्किल था। यहां डाकघर बचत योजनाओं के तहत खाते खोले और संच...