मऊ, नवम्बर 1 -- Mau News: मऊ, संवाददाता। खेतों में लहलहाती धान की फसल देखकर जिन किसानों के चेहरे पर अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, अब उन्हीं चेहरों पर मायूसी छा गई है। महीनों की मेहनत, खाद-बीज, सिंचाई और मजदूरी पर लगाई गई पूंजी कटाई से ठीक पहले बेमौसम बारिश की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से दो दिनों तक तेज हवा के साथ हुई बारिश ने पककर तैयार धान की फसल को खेतों में बिछा दिया है। कहीं बालियां जमीन से सट गई हैं तो कहीं खेत पानी में डूबे हैं। हालात ऐसे हैं कि किसानों के सामने अब फसल काटने से पहले उसे बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 20 से 25 फीसदी तक धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। यह भी पढ़ें- Mau News: बारिश की मार से धान क...