मऊ, नवम्बर 6 -- Mau News: मऊ, संवाददाता। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब दो वर्ष से अधिक की देरी होने पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी। जनपद न्यायाधीश ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। यह नया नियम जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत आया है। यह अधिनियम 1 अक्तूबर 2026 से पूरे भारत में लागू हो चुका है। पहले यह अधिकारिता तहसीलवार एसडीएम के पास थी। जनपद न्यायाधीश का यह आदेश उच्च न्यायालय के और महारजिस्ट्रार द्वारा प्रस्तुत भारत के राजपत्र के अनुपालन में जारी किया गया। राजपत्र 19 सितंबर को प्रसारित किया गया था। केंद्रीय सरकार ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 को प्रसारित किया है। मूल अधिनियम की धारा-13 की उप धारा (3ए) इसे अन...