मऊ, अक्टूबर 8 -- Mau News: दोहरीघाट, हिन्दुस्तान संवाद। ब्लॉक क्षेत्र के गोंठा की गलियों में जब रामलीला के संवाद गूंजते हैं तो सिर्फ भगवान राम की कथा ही जीवंत नहीं होती, बल्कि सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब भी दिखाई देती है। करीब चार सौ वर्ष पुरानी गोंठा की रामलीला आज भी हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल बनी हुई है। यहां मुस्लिम समाज के लोग न केवल रामलीला के आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं, बल्कि पात्र बनकर मंचन में भी हिस्सा लेते हैं। यही वजह है कि गोठा की रामलीला धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर सामाजिक सौहार्द की पहचान बन चुकी है। यह भी पढ़ें- Kannauj News: धरती पूजन के साथ विशुनगढ़ में रामलीला का शुभारंभचार सौ साल की परंपरा और आपसी भाईचारा गोठा की रामलीला का इतिहास संवत 1626 से जुड़ा बताया जाता है। शुरुआत में गांव के संभ्रांत ल...