मऊ, अक्टूबर 13 -- Mau News: मऊ, संवाददाता। दशहरा पर्व सिर्फ असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक नहीं बल्कि पीढ़ियों के फासले को मिटा देने वाला पर्व भी है। आज के आधुनिकता के दौर में भी दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियों तक, तीनों पीढ़ियों में पर्व का क्रेज अभी भी बरकरार है। समय बीतने के साथ तीन पीढ़ियों में त्योहार मनाने के तरीके भले से बदल गए, लेकिन त्योहार को खास बनाने को लेकर दादा-दादी-बेटे के साथ पोते और पोतियां लगे रहते हैं। दशहरा पर्व को बुजुर्ग पीढ़ी परम्परा और धार्मिकता के आधार पर मनाती हैं, वहीं युवा पीढ़ी अपने आधुनिक अंदाज में मनाती है। युवा पीढ़ी के बच्चे अब दशहरा मेले देखने के साथ ही मोबाइल के माध्यम से रिकार्डिंग करके फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया पर भी शेयर कर देते हैं। यह भी पढ़ें- Ambedkar Nagar News: रामलीला मंचों पर जीवंत हो रहे त्रेता ...