मथुरा, अक्टूबर 25 -- Mathura News: धर्मनगरी और ग्रामीण अंचलों में शरद पूर्णिमा (रास पूर्णिमा) का पावन पर्व रविवार को परंपरागत श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मान्यता के अनुसार वर्ष में केवल इसी दिन चंद्रमा अपनी समस्त 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करता है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने घरों की छतों और आंगनों में खुले आसमान के नीचे रातभर खीर रखकर चंद्रदेव की किरणों से उसे अभिसिंचित किया। मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अत्यंत गुणकारी मानी जाती है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों में विशेष औषधीय ऊर्जा होती है, जो खीर में समाहित होकर शरीर के कई मौसमी और श्वास संबंधी रोगों का शमन करती है। यह भी पढ़ें- Jhansi News: शरद पूर्णिमा...