पटना, जनवरी 13 -- इस वर्ष मकर संक्रांति पर्व मंगलवार 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। यह निर्णय किसी परंपरागत अनुमान या व्यक्तिगत मत पर आधारित नहीं, बल्कि प्राचीन धर्मशास्त्रों, सूर्यसिद्धान्तीय खगोलीय गणना तथा स्थापित पंचांग-परंपरा के अनुरूप है। ये बातें ज्योतिषाचार्य राजनाथ झा ने रविवार को कहीं। उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार अर्धरात्रि से पूर्व संक्रांति होने पर पूर्वदिन का उत्तरार्ध पुण्यकाल माना जाता है। वर्ष 2026 में सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश अर्धरात्रि से पूर्व हो रहा है। इसलिए इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी के पहले आधे दिन पुण्यकाल धर्मसम्मत है। वहीं, पंचांग निर्माण की परंपरा सामूहिक शास्त्रीय एवं गणितीय निर्णय पर आधारित होती है। इसी कारण बिहार सहित देश के अधिकांश प्रामाणिक पंचांगों में मकर संक्रांति की तिथि 14 जन...
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