मैनपुरी, जुलाई 28 -- Mainpuri News: नगर के जैन भवन नसिया जी में नौ-दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार सुबह ब्रह्मचारी तरुण भैया के सानिध्य में श्रीजी को पांडुक शिला पर विराजमान कर प्रासुक जल से अभिषेक व शांतिधारा की गई। विधान के दौरान सिद्ध भगवंतों को 1024 अर्घ्य भक्ति पूर्वक समर्पित किए। वहीं रंगमा-रंगमा रंग गयो रे, प्रभु की भक्ति में रंग गयो रे भक्ति गीत पर महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने नृत्य कर सिद्ध भगवान की आराधना की। तरुण भैया ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि अगर सिद्धचक्र का पूजन केवल थाली में अर्घ्य चढ़ाकर करते हो, तो निरर्थक है। यदि यह पूजन आपके सीधे ह्रदय में पहुंच रही है तो आप एक दिन पूज्य बन सकते हो। यह सिद्धचक्र विधान की महिमा है।

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