महाराजगंज, अगस्त 29 -- Maharajganj News: महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा मिलने के बाद भी यहां के ग्रामीणों की खेती की सबसे बड़ी समस्या दूर नहीं हो सकी है। जंगल के बीच अलग-अलग स्थानों पर बिखरी कृषि भूमि के कारण ग्रामीणों को आज भी कई जगहों पर खेती करनी पड़ रही है। खेतों को एक जगह करने के लिए चकबंदी की मांग वर्षों से उठ रही है, लेकिन खतौनी में किसानों के नाम दर्ज नहीं होने के कारण मामला अटका हुआ है। हालांकि अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू हुई है।

समस्या का विवरण जिले के 18 वनटांगिया गांवों में करीब 3796 परिवार और लगभग 35 हजार की आबादी निवास करती है। वनाधिकार कानून के तहत ग्रामीणों को कृषि भूमि के अधिकार पत्र भी दिए जा चुके हैं। इसके बाद शासन ने एक जनवरी 2018 को वनटांगिया गांवों को नजदीकी राजस्व...