महाराजगंज, अक्टूबर 14 -- Maharajganj News: महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला मुख्यालय व इसके आसपास के इलाकों में कृषि भूमि पर बिना मंजूरी के प्लाटिंग का कारोबार चरम पर है। उत्तर प्रदेश में अवैध कॉलोनाइजरों पर शिकंजा कसने के लिए बनाए गए सख्त कानून प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि रियल एस्टेट नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर रेरा के पंजीकरण व भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज) के कायदों में सीधी सेंधमारी के आरोप लगने लगे हैं।

रेरा पंजीकरण के नियमों की अनदेखी नियमानुसार 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल या 8 से अधिक भूखंडों वाली किसी भी प्लॉटिंग परियोजना को उत्तर प्रदेश रेरा में पंजीकृत कराना अनिवार्य है। बिना रेरा पंजीकरण के प्लॉटों का विज्ञापन, बुकिंग या बिक्री करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इसके बावजूद नगर व सटे कई इलाकों में 500...