महाराजगंज, अगस्त 31 -- Maharajganj News: महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला व महिला अस्पताल से निकल रहे दूषित पानी मुख्य नाला में नहीं बहेगा। दूषित पानी को ट्रीटमेंट कर उसे सिंचाई योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए अस्पताल परिसर में करीब 70 लाख की लागत से एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट(ईटीपी) बनेगा। शासन ने स्टीमेट स्वीकृत कर लिया है। सबकुछ ठीक रहा तो अक्तूबर में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

दूषित पानी का प्रबंधन 100-100 बेड वाले जिला व महिला अस्पताल के अलावा छात्रावास व आवासीय मकानों से हर रोज करीब पांच हजार लीटर वेस्ट पानी निकलता है। इन पानी को नाली के माध्यम से मुख्य नाला में गिराया जाता है। इससे जल प्रदूषण होने की आशंका अधिक हो गई है। इसे बचाने के लिए अस्पताल व परिसर से निकल रहे वेस्ट पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। शासन ने स्टीमेट स्वीकृत कर लिया है...