प्रयागराज, जनवरी 4 -- माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के मौके पर रेलवे स्टेशनों पर महाकुंभ जैसी सख्ती देखने को मिली, हालांकि हकीकत यह रही कि यात्रियों की भीड़ उम्मीद से काफी कम थी। रेलवे प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के नाम पर जो चक्रव्यूह तैयार किया था, उसमें श्रद्धालु तो कम, लेकिन आम शहरवासी और नियमित यात्री जरूर फंसकर रह गए। प्रयागराज जंक्शन, छिवकी, नैनी, रामबाग और झूंसी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर वैसे तो आवाजाही सामान्य ही थी, लेकिन प्रशासन ने 'वन-वे' रूट और यात्री आश्रयों (होल्डिंग एरिया) के जरिए ही प्रवेश की जिद नहीं छोड़ी। स्थिति यह थी कि प्लेटफॉर्म खाली थे, फिर भी यात्रियों को सीधे जाने की अनुमति नहीं थी और उन्हें चार रंगों में बंटे यात्री आश्रयों से होकर गुजारा गया। केवल आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को ही गेट नंबर पांच से सीधे प्रव...