मधुबनी, जुलाई 30 -- Madhubani News: पंडौल,एक संवाददाता। मिथिलांचल की पहचान रही सकरी चीनी मिल एक बार फिर इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। वर्ष 1933 में स्थापित यह ऐतिहासिक चीनी मिल 1997 में बंद हो गई थी। लगभग 29 वर्षों तक वीरान पड़े इस परिसर में अब फिर से औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद जगी है। बिहार कैबिनेट ने सकरी चीनी मिल की करीब 47 एकड़ भूमि पर नई सहकारी चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर 2026 को सकरी तथा रैयाम (दरभंगा) चीनी मिल परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। यह निर्णय केवल एक बंद उद्योग को फिर से शुरू करने का प्रयास नहीं है, बल्कि मिथिलांचल की अर्थव्यवस्था, किसानों और युवाओं के लिए नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि य...