मधुबनी, जुलाई 5 -- Madhubani News: रहिका, निज संवाददाता । सभा गाछी की शुरुआत सन 1310 में राजा हरिसिंह देव ने तत्कालीन समाज में विवाह पूर्व विद्यमान सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के उद्देश्य से की। कर्णाट वंश के राजा हरिसिंह देव ने चौदहवीं शताब्दी में सौराठ सभा की परंपरा की शुरुआत की थी । पंजीकार प्रमोद मिश्र ने बताया कि 700 साल पुराना दूल्हों का मेला मैथिल ब्राह्मणों से जुड़ा गौरवशाली इतिहास सारगर्भित पंजीकारों के पास संरक्षित है। सौराठ सभा की शुरुआत मिथिलांचल के गौरव का प्रतीक सौराठ सभागाछी की शुरुआत लगभग 700 साल पहले कर्णाट वंश के राजा हरिसिंह देव ने की थी। सभा के आयोजन के पीछे एक से बढ़कर एक रोचक प्रसंग है।

कार्यक्रम का विवरण कला एवं संस्कृति पदाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया कि भारती ज्ञान मंडपम मिशन के तहत सर्वेक्षण के लिए जिले के विभिन्...