मधुबनी, जुलाई 18 -- Madhubani News: मधुबनी, हिन्दुस्तान टीम। यह अवसर अत्यंत विशेष है, जहां हम सब मिलकर भारतीय संस्कृति और साहित्य की जीवंत परंपरा का साक्षी बनने जा रहे हैं। नाटक केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज का दर्पण, हमारी संवेदनाओं का प्रकटीकरण और मानवीय मूल्यों को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम है। उक्त बातें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित संस्कृतिकर्मी अजीत आजाद ने लोकहित रंगपीठ सेवा संस्थान मधुबनी द्वारा राजनगर के अरविंद पैलेस में आयोजित नाट्य प्रदर्शन के उद्घाटन के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि नाटक समाज का दर्पण और संस्कृति के संवाहक है ये केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं।

नाटक का महत्व ऐतिहासिक धरोहरों को सहने और मानवीय मूल्यों को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है नाटक देखना और उसमें भाग लेने से लोगों में सहान...